आत्मनिर्भर भारत अभियान (AtmaNirbhar Bharat Abhiyan) क्या हैं?

आत्मनिर्भरता। यह शब्द सुनने में ही कितना Attractive और अच्छा लगता है। हम सभी को आत्मनिर्भर होकर जीना चाहिए और हमें हमेशा से यही सिखाया जाता है। पिछले दिनों कोरोना महामारी और लॉकडाउन के कारण पूरे देश में एक नया मंत्र सामने आया जो नरेंद्र मोदी जी ने जनता को समझाया। वह मंत्र था आत्मनिर्भर भारत

आत्मनिर्भर भारत अभियान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इंडिया में तब प्रचार प्रसार किया गया जब कोरोना का कहर पूरे देश में छाया हुआ था। अब सवाल यह है कि आखिर आत्मनिर्भर भारत अभियान और आत्मनिर्भर भारत है क्या? (what is atmanirbhar bharat abhiyan) चलिए जानते हैं। लेकिन सबसे पहले हम यह जानेंगे कि आत्मनिर्भरता क्या है।

Atma nirbhar Bharat Abhiyan
Atma nirbhar Bharat Abhiyan

आत्मनिर्भरता क्या है?

आत्म निर्भर का मतलब होता है आपके पास जो कुछ है यानि की आपके पास स्वयं का जो हुनर है, उस के माध्यम से एक छोटे स्तर पर ही सही लेकिन खुद को आगे की ओर बढ़ाना, या फिर बड़े स्तर पर अपने देश के लिए कुछ कर दिखाना। कोरोना के दौर में भी आप खुद को आत्मनिर्भर बना कर अपने परिवार परिजनों का भरण पोषण करने के लिए क्या कर सकते हैं, और अपने राष्ट्र में भी अपना क्या योगदान दे सकेंगे यह आप पर निर्भर करता है और आपके आत्मनिर्भरता को दर्शाता है।

आत्मनिर्भरता कोई नया शब्द तो नहीं है हमारा देश स्वाधीन होने से आज तक यह नारा चलता आ रहा। आज के दौर में आत्म निर्भरता की श्रेणी में बात करें तो कुटीर उद्योग की सामग्री, मत्स्य पालन, आंगनबाड़ी में बनाई गई सामग्री इत्यादि कई प्रकार के कार्य है जो कि हमें आत्मनिर्भरता की श्रेणी में लाकर खड़ा कर देते हैं। इस प्रकार से हम अपने परिवार, गांव, जिला, राष्ट्र एक दूसरे से जोड़कर देखें तो इस तरह पूरे राष्ट्र को योगदान देते हैं। इसी से हम भारत को आत्मनिर्भर के रूप में देख सकते हैं।

यानि कि हमारे देश को हर तरफ से हर क्षेत्र में खुद पर निर्भर होना पड़ेगा। भारत अपने ही देश में हर एक वस्तु का निर्माण करना होगा यानी कि इस योजना के तहत भारत के संसाधनों से बनी वस्तुओं को भारत में ही उपयोग करना है। आत्मनिर्भर भारत बनने से भारत में रह रहे युवाओं के लिए रोजगार, उद्योगों में सुधार करना, गरीबों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद्य पदार्थों की उपस्थिति सब संभव हो पाएगा।  

आत्मनिर्भर भारत योजना: नरेंद्र मोदी की नई पहल

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आत्म निर्भर भारत योजना (Atma nirbhar Bharat Abhiyan) की घोषणा की। जिससे की देश के 130 करोड़ लोग आत्मनिर्भर बन सके और हम कोरोना वायरस से लड़ने में सक्षम बन सके। आत्म निर्भर भारत अभियान से देश के रोजगार पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा क्योंकि कोरोना वायरस के कारण हर जगह देश में लॉकडाउन का माहौल बनाना आवश्यक हो गया है जिससे देश के मजदूर और किसान काफी ज्यादा प्रभावित हुए। आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 30 लाख करोड़ रूपए के राहत पैकेज की घोषणा की जो कि देश के जीडीपी का 10% है। हम कह सकते हैं की आत्मनिर्भर भारत अभियान नामक यह योजना भारत की आर्थिक व्यवस्था को सुचारू करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी  

आत्मनिर्भर भारत योजना का उद्देश्य

आत्म निर्भर योजना के उद्देश्य की बात करें तो इसका उद्देश्य लोगों के आत्मनिर्भरता को बढ़ाना है। ताकि भारत का हर एक नागरिक इस मुश्किल समय में भी एक दूसरे का सहारा बन सके कोरोना वायरस के कारण छोटे-मोटे उद्योगो में काम कर रहे गरीब मजदूर किसान व श्रमिकों को बहुत नुकसानो का सामना करना पड़ा है। लेकिन इस योजना के तहत सरकार द्वारा चुने गए सभी लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी जिससे कि सभी लोगों की मदद की जा सके। आत्मनिर्भर योजना के माध्यम से सभी प्राइवेट सेक्टर को भी मदद दी जाएगी यानि की एक शब्द में कहे तो आत्मनिर्भर योजना का उद्देश्य समृद्ध और संपन्न भारत का निर्माण करना है। आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने इस योजना में लोगों को लाभ देने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट भी लांच की है जिस पर आप आवेदन करके आत्मनिर्भर भारत अभियान योजना का लाभ उठा सकते हैं। लेकिन इस योजना में आवेदन करने के लिए आपको इसमें मांगी गई पात्रता से गुजरना होगा।

आत्मनिर्भर भारत की घोषणा के तहत भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने आत्मनिर्भरता के लिए पांच महत्वपूर्ण चीजे बाताई है।

  1. इंटेंट यानी इरादा करना।
  2. इन्क्लूजन या समावेश करना।
  3. निवेश या इन्वेस्टमेन्ट करना।
  4. नयी चीजों का खोज करना।
  5. इन्फ्रास्ट्रक्चर यानी सार्वजनिक ढ़ाचे को मजबूत करना।  

आत्म निर्भर भारत अभियान (Atmanirbhar Bharat Abhiyan) के लाभार्थी है —

  • गरीब नागरिक 
  • प्रवासी मजदूर 
  • लघु उद्योग 
  • मछुआरे 
  • पशुपालक 
  • किसान
  • मध्यम वर्गीय उद्योग
  • कुटीर उद्योग में काम करने वाले व्यक्ति
  • संगठित व असंगठित क्षेत्र से जुड़े कार्य करने वाले लोग मजदूर इत्यादि।

इस योजना के  माध्यम से लोगों में जागरूकता बढ़ाई जाएगी और लाभार्थी को आर्थिक मदद दी जाएगी और लोगों को किसी के आगे झुकना नहीं पड़ेगा। इस योजना का उद्देश्य यही है कि लॉकडाउन के कारण जितने भी मजदूर लोग और किसान लोगों को नुकसान हुआ है इस योजना के माध्यम से उनके नुकसान की भरपाई की जाए और उन्हें कुछ हद तक लाभ पहुंचाया जा सके। इस योजना का लाभ उठाने के लिए जो लाभार्थी आवेदन करेंगे केंद्र सरकार उनके खाते में मदद की राशि पहुंचा देगी।

आत्म निर्भर भारत अभियान(Atmanirbhar Bharat Abhiyan) के तहत पैकेज के राहत पैकेज के अंतर्गत महत्वपूर्ण क्षेत्र —

  • मेक इन इंडिया (Make in India mission)
  • सरल और स्पष्ट नियम कानून (Rational tax system)
  • उत्तम आधारिक संरचना (Reformation of infrastructure)
  • बेहतर वित्तीय सेवा (A good financial system)
  • निवेश को प्रेरित करना (Provide good investment opportunities)
  • नए व्यवस्थाएं को प्रेरित करना (To motivate new business)
  • समर्थ और संकल्पित मानव अधिकार (Capable human resources)
  • कृषि प्रणाली  (Reformation of Agricultural supply chain and system)

AtmaNirbhar Bharat Abhiyan के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें —

आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए आवेदन करने के लिए केंद्र सरकार ने आत्मनिर्भर भारत अभियान योजना के आधिकारिक वेबसाइट को लांच किया है। और इस वेबसाइट पर आवेदन करने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से तिथि जारी की जाती है।

आत्मनिर्भर भारत अभियान(Atmanirbhar Bharat Abhiyan) के लागू होने और उन पर अमल करने से हमारे देश को होने वाले फायदे —

  • हमारे देश मे रोजगार के अधिक अवसर पैदा होगें।
  • भारत की आर्थिक स्थिति काफी मजबूत हो सकेगी।
  • हमारे देश को दूसरे देशो से सहायता कम लेनी होगी।
  • आत्मनिर्भर भारत से हमारे देश मे उद्योगों की संख्या मे वृद्धि होगी।
  • आपदा की स्थिति मे भारत बाहरी देशों से मदद की मांग कम होगी।
  • इससे देश मे बेरोजगारी के साथ-साथ गरीबी से मुक्ति मे सहायता मिलेगी।
  • हमारा देश आगे चलकर अन्य देशों से आयात कम और निर्यात ज्यादा कर सकेगा l
  • आत्मनिर्भर बनने के साथ हमारा देश भारत चीजों का भंड़ारण काफी अधिक कर सकता है।
  • देश मे स्वदेशी वस्तुओं का निर्माण कर देश की तरक्की को शीर्ष तक ले जाने मे सहायता मिलेगी।

एक आत्मनिर्भर भारत बनने की जरुरत

* कोरोना संकट के दौर में दिखाई दिए संकटो के बाद हम कह सकते हैं कि यह आत्म निर्भर भारत का उदाहरण ही है की कोरोना वायरस के फैलने के दौरान पी पी ई कीट, वेन्टीलेटर, सैनिटाइजर, के.एन – 95 मास्क का उत्पन्न अपने देश में ही शुरू किया गया है। क्योंकि पहले यह सब चीजें हमें विदेशों से मंगवानी पड़ती थी। हम यह कह सकते हैं कि आत्मनिर्भर भारत की ओर आगे बढ़ने का यह पहला कदम था कि इन सब चीजों का निर्माण भारत में ही शुरू हुआ। इन सब चीजों के लिए विदेशों पर निर्भर ना रहकर अपने देश में ही उत्पादन करना आत्म निर्भर भारत का एक सफल उदाहरण है।

* कोरोना के दौर में हर जगह विश्व बंद हो गया जिसके कारण छोटे छोटे लोगों से लेकर बड़े पूंजीपतियों तक को भी भारी नुकसान से गुजारना पड़ा और परेशानियों का सामना करना पड़ा। लेकिन खासतौर से हमारे मध्यम वर्ग के परिवारों को कमाने खाने के लिए काफी संकट का सामना करना पड़ा। इस समस्या का समाधान भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्म निर्भर भारत अभियान से ही ढूंढने का फैसला लिया।

* कोरोना संकट के कारण ही हर जगह लॉकडाउन हुआ जिससे देश में सामानों का आदान-प्रदान बंद हो गया। उसके बाद मई के महीने में तालाबंदी के दौरान ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। उन्होंने “लोकल फॉर वोकल” का नारा दिया इसका मतलब है लोकल में बनी वस्तुओं का उपयोग करके, उनका प्रचार करके, अपना एक अलग पहचान बना कर आत्मनिर्भरता से उन्नति की ओर आगे बढ़ना।

* यह तो सबको पता है कि कोरोना महामारी के कारन हर जगह से आना जाना बंद हो गया था। जिस कारण पूरे विश्व में संकट के बादल छा गए इस कड़ी में भारत ने खुद को आत्मनिर्भर बनाने और देश को आगे ले जाने का फैसला किया। विश्व बंदी के कारण बाहरी देशों के उत्पादों पर भारी असर हुए और इसीलिए भारत ने स्वयं को आत्मनिर्भर बना कर देश की तरक्की की तरफ अपना कदम बढ़ाया। ऐसे में देश ने सोचा कि क्यों ना हम अपने भारत में ही सामानों का निर्माण करें ताकि हमें अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए दूसरे देश पर निर्भर न रहना पड़े।

* कोरोना काल के दौरान चीन ने भारत के डोकलाम सीमा क्षेत्र में कब्जा करने की कोशिश की, जिसमें भारत के लगभग 20 जवान शहीद हो गए। सीमा के इस विवाद में भारत के सैनिकों की क्षति के कारण देश के हर कोने से चीनी सामान को बैन करने की मांग की गई और चीनी सामानों को बंद भी करा दिया गया। उसके बाद प्रधानमंत्री ने समुचे देश को आत्मनिर्भर बनने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर बनकर घरेलू चीजों का इस्तेमाल करें ताकि हमारा यह देश आगे चलकर मजबूती के साथ आत्मनिर्भरता से खड़ा हो सके।

आशा करता हूँ आपको यह आर्टिकल पसन्द आया और यहा से आपको बहुत कुछ सीखने को मिला। अंत में जाते जाते इस पोस्ट को like करें, share करें और कोई सुझाव या सवाल है तो हमे जरूर Comment करे

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